प्रो. अभय करंदीकर
सदस्य, नीति आयोग
शैक्षणिक योग्यता
आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी।
पिछली सेवा
- 3 अक्तूबर, 2023 से 18 मई, 2026 (पूर्वाह्न) - सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार;
- अप्रैल 2018 से 2 अक्तूबर, 2023 तक - निदेशक, आईआईटी कानपुर; और
- अप्रैल 1997 - अप्रैल 2018 - संकाय, विद्युत अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी बॉम्बे।
महत्वपूर्ण उपलब्धियां
- सचिव, डीएसटी के रूप में, उन्होंने भारत सरकार की कई परिवर्तनकारी पहलों को संचालित करने में सहायक रहे। इसमें राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और Anusandhan National Research Foundation (ANRF) शामिल हैं। उन्होंने निजी क्षेत्रों और डीप टेक स्टार्टअप में अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास का समर्थन करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार कोष को भी संचालित किया। उनके कार्यकाल के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, उन्नत सामग्री, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकियों, विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास अवसंरचना, प्रौद्योगिकी इन्क्यूबेशन और अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों में कई अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम और पहल की शुरुआत हुई ।
- प्रो. करंदीकर के शोध समूह ने 6G के लिए AI संचालित प्रोग्रामेबल प्रोटोकॉल में महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। 5G के क्षेत्र में भी इस शोध समूह ने दो वैश्विक IEEE मानको की गतिविधियों को आरंभ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय प्रयासों द्वारा बनाया गया पहला IEEE मानक, ‘‘IEEE 1930.1: नेटवर्क के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए SDN आधारित मिडेलवेयर’’ उनके नेतृत्व में निर्मित किया गया है। इस शोध समूह का सबसे उल्लेखनीय प्रभाव किफायती ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में रहा है। इसके कारण IEEE मानकों में ‘‘फ्रूगल 5G’’ कार्य समूह और ‘‘IEEE की 5G के लिए मानक गतिविधियों’’ के तहत एक अन्य वैश्विक मानक ‘‘IEEE 2061: कम गतिशीलता वाले उपयोगकर्ताओं के लिए ऊर्जा कुशल किफायती ब्रॉडबैंड नेटवर्क संरचना’’ के कार्य-समूह का गठन हुआ।
विशेषज्ञता/रुचि के क्षेत्र
दूरसंचार, वायरलेस नेटवर्किंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर, एआई, क्वांटम संचार।
E-mail
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