Security and Strategic Affairs

सुरक्षा एवं रणनीतिक मामले

संक्ष्प्ति विवरण

सुरक्षा एवं रणनीतिक मामले प्रभाग, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और अन्य प्रमुख सरकारी हितधारकों के साथ सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक नीति को आगे बढ़ाने के लिए नीति आयोग का एक नोडल मंच है। यह अनुसंधान, रणनीतिक विश्लेषण और अंतर-क्षेत्रीय विशेषज्ञता को एकीकृत करके रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, विदेश नीति, उभरती प्रौद्योगिकियों और बदलते भू- राजनीतिक एवं भू-आर्थिक मुद्दों पर नीतिगत विकास का समर्थन करता है। यह प्रभाग सीमावर्ती राज्यों—अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम, तथा संघ राज्य क्षेत्र - लद्दाख के साथ नीति आयोग के जुड़ाव के लिए नोडल वर्टिकल के रूप में भी कार्य करता है।
यह प्रभाग संस्थागत अभिसरण  को सक्षम बनाकर, अंतर-मंत्रालयी समन्वय को मजबूत करके और साक्ष्य- आधारित नीतिगत सिफारिशें तैयार करके संपूर्ण-सरकारी  दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। अपने कार्यों के माध्यम से, यह सुविज्ञ निर्णय लेने, राष्ट्रीय सामर्थ्‍य को बढ़ाने और भारत के दीर्घकालिक सुरक्षा एवं रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने में योगदान देता है।
प्रभाग का व्यापक लक्ष्य एकीकृत नीति निर्माण, संस्थागत सहयोग और एक सुदृढ सुरक्षा इकोसिस्टम जो वर्तमान और उभरती चुनौतियों से निपटने में सक्षम हो को बढ़ावा देकर भारत की रणनीतिक तैयारियों को मजबूत करना है।

मुख्य कार्य
  1. राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा

भारत की राष्ट्रीय तैयारियों को मजबूत करने के लिए रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, समुद्री मामलों, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे  और उभरते जोखिमों पर विश्लेषणात्मक इनपुट तैयार करना।

  1. अंतर्राष्ट्रीय संबंध और भू-राजनीति

भारत के बाहरी जुड़ाव को सूचित करने के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक विकास, विदेश नीति की प्राथमिकताओं, रणनीतिक साझेदारियों, पड़ोसी देशों के साथ जुड़ाव और भू-आर्थिक रुझानों का परीक्षण करना।

  1. संपूर्ण-सरकार अभिसरण

एकीकृत दृष्टिकोणों के माध्यम से व्यापक राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए रक्षा, गृह, विदेश मंत्रालयों और अन्य हितधारकों के बीच निर्बाध सहयोग को सक्षम बनाना।

  1. अनुसंधान, विश्लेषण और दूरदर्शिता

साक्ष्य-आधारित अध्ययन, विषयगत मूल्यांकन  और भविष्योन्मुखी सिफारिशें तैयार करना जो उभरती चुनौतियों का अनुमान लगा सकें और दीर्घकालिक राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आकार दे सकें।

  1. सीमा एवं सीमांत क्षेत्र रूपांतरण

कनेक्टिविटी, आर्थिक अवसरों, सार्वजनिक सेवा प्रदायगी तथा सामुदायिक सामर्थ्य को सुदृढ़ करने वाली पहलों को आगे बढ़ाकर सीमांत क्षेत्रों के समेकित विकास को प्रोत्साहित करना।

  1. राज्य साझेदारी

राज्य सहायता मिशन, राज्यों के लिए नीति पहल, आकांक्षी जिला कार्यक्रम तथा आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम जैसी प्रमुख पहलों के अंतर्गत राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों के साथ सतत सहभागिता के माध्यम से संस्थागत क्षमता तथा सुशासन संबंधी परिणामों को सुदृढ़ करना।

  1. कार्यक्रम मूल्यांकन एवं आकलन

रणनीतिक प्रस्तावों, निवेश परियोजनाओं तथा विकास कार्यक्रमों की समीक्षा कर उनकी रूपरेखा, क्रियान्वयन तथा मापने योग्य परिणामों में सुधार सुनिश्चित करना।

  1. उभरती प्रौद्योगिकियाँ एवं राष्ट्रीय सामर्थ्य

भविष्य के जोखिमों के प्रति राष्ट्रीय सामर्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों, डिजिटल इकोसिस्टम, आपूर्ति शृंखलाओं तथा महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रभावों का आकलन करना तथा आवश्यक सुधारों का सुझाव देना।

  1. आपदा जोखिम एवं सामर्थ्य

राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों के सहयोग से आपदा तैयारी, जोखिम न्यूनीकरण, पुनर्प्राप्ति तथा संस्थागत क्षमता सुदृढ़ीकरण के लिए समेकित दृष्टिकोण को बढ़ावा देना।

  1. ज्ञान नेटवर्क एवं संस्थागत सहभागिता

ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार तथा सुविज्ञ लोक नीति निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत, नीति अनुसंधान संस्थानों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ साझेदारी विकसित करना।

संबंधित मंत्रालय
  1. गृह मंत्रालय

  2. रक्षा मंत्रालय

  3. विदेश मंत्रालय

रिपोर्ट
शोध पत्र

शीर्षक

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बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा: अगली पीढ़ी को नुकसान से बचाना PDF Icon
परियोजनाएँ
  • निर्यात के लिए रक्षा उत्पादन का विस्तार
  • भूमि, वायु और समुद्री क्षेत्रों में प्रणोदन प्रणालियों का स्वदेशीकरण
  • भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए कार्यनीतिक खनिजों का आकलन
  • प्रभावी अंतर्राष्ट्रीय विकास सहायता के लिए सुधार
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन, आजीविका और बुनियादी ढांचे पर सुरक्षा संबंधी प्रतिबंधों का प्रभाव
  • भारत की जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत क्षमताओं को बढ़ाने की कार्यनीति
  • जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय कौशल कार्यनीति
  • मॉडल ग्राम पहल– जेमीथांग, अरुणाचल प्रदेश
  • भारतीय सशस्त्र बलों में पर्यावरणीय सततता का सुदृढ़ीकरण
अधिकारी निर्देशिका
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