
भारत के स्वर्ण बाजार परिवर्तन पर एक समिति का गठन नीति आयोग द्वारा प्रधान सलाहकार, नीति आयोग की अध्यक्षता में किया गया था, ताकि निर्यात, आर्थिक विकास और रोजगार के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने हेतु भारत में स्वर्ण बाज़ार की क्षमता में दोहन के उपायों की सिफारिश की जा सके।
समिति द्वारा भारत के स्वर्ण बाजार के विभिन्न पहलुओं पर गौर करने के लिए भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों / विभागों, भारतीय रिजर्व बैंक, उद्योग संघों और शिक्षाविदों के प्रतिनिधित्व सहित, स्वर्ण पारिस्थितिकी तंत्र में विविध हितधारकों को एक साथ लाया गया।
समिति ने हितधारकों के एक व्यापक समूह के साथ स्वर्ण बाजार से संबंधित विभिन्न विषयों पर गठित उप-समूहों के माध्यम से गहन विचार-विमर्श किया था। समिति ने सोने के बाजार की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ इसके मुद्दों, चुनौतियों और अवसरों और निर्यात में सुधार के लिए अपेक्षित कार्यनीतिक नीति के प्रोत्साहन, रोजगार सृजन, स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के विस्तार और सोने की घरेलू आपूर्ति को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया।
‘भारत के स्वर्ण बाजार का परिवर्तन’ शीर्षक वाली रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया गया और फरवरी 2018 में विचार के लिए सरकार को प्रस्तुत किया गया।
इस समिति की प्रमुख सिफारिशों को पाँच प्रमुख फोकस क्षेत्रों में संरचित किया गया है। य़े हैं
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स्वर्ण में मेक इन इंडिया
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गोल्ड का वित्तीयकरण
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टैक्स और कर ढांचा
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विनियामक अवसंरचना
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कौशल विकास और प्रौद्योगिकी उन्नयन
यह रिपोर्ट माननीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट (2018-19) में उल्लिखित नीतिगत उद्देश्य को साकार करने के लिए एक व्यापक स्वर्ण नीति तैयार करने के लिए है, ताकि सोने को परिसंपत्ति श्रेणी के रूप में विकसित किया जा सके। यह भारत के स्वर्ण बाजार की परिवर्तनकारी क्षमता को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।





