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नीति आयोग ने 2030 तक के लिए भारत और उसके राज्यों की एसडीजी की प्रगति को मापने की व्यापक कवायद की जिसके परिणामस्वरूप एसडीजी इंडिया इंडेक्स बेसलाइनरिपोर्ट 2018 तैयार की गई।
एसडीजी इंडिया इंडेक्स का उद्देश्य देश और इसके राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों की सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिति पर समग्र दृष्टिकोण प्रदान करना है। यह सभी भारतीय राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रदर्शन का समग्र मूल्यांकन प्रदान करने और नेताओं और परिवर्तनकारियों को सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मापदंडों पर अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इस सूचकांक का निर्माण 17 में से 13 एसडीजी (लक्ष्य 12, 13, 14 और 17 को छोड़कर) में किया गया है। यह भारत सरकार के अंतःक्षेपों और योजनाओं के परिणामों पर उनकी प्रगति को मापते हेतु 62 राष्ट्रीय संकेतकों के एक सेट के आधार पर सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों (यूटीज़) की प्रगति को ट्रैक करता है ।
- यह सूचकांक राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के लिए एसडीजी पर उनके शुरुआती बिंदु का आकलन करने के लिए निम्नलिखित प्रकार से उपयोगी हो सकता है:
- राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों की प्रगति को राष्ट्रीय लक्ष्यों और अन्य राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के कार्य निष्पादन की तुलना में मानदण्ड प्रदान करने में सहायता करना ताकि उनके विभेदक निष्पादन के कारणों को समझा जा सके और 2030 तक एसडीजी की प्राप्ति के लिए बेहतर कार्यनीतियां बनाई जा सकें।
- उन वरीयता क्षेत्रों की पहचान करने के लिए राज्यों /संघ राज्य क्षेत्रों की सहायता करना, जिनमें उन्हें निवेश करने और वृद्धिशील प्रगति को मापने में उन्हें सक्षम बनाकर सुधार करने की आवश्यकता है।
- भारत के लिए एसडीजी से संबंधित डेटा अंतराल को हाइलाइट करना ताकि राष्ट्रीय और राज्य स्तरों पर अपनी सांख्यिकीय प्रणाली विकसित की जा सके।
एसडीजी इंडिया इंडेक्स - बेसलाइन रिपोर्ट 2018 डाउनलोड करें





