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सर्वोत्तम पद्धतियां

भारत के सामाजिक क्षेत्रक में राज्य सरकारों द्वारा की गईं विभिन्न प्रकार की सफल विकास पहलों की भरमार है। इन्होंने आबादी के सबसे अधिक वंचित वर्गों तक पहुँचने में नवोन्मेषी दृष्टिकोण, प्रभावी कार्यनीतियाँ, दीर्घावधिक प्रभाव और संधारणीयता दर्शायी है।

 

उत्तम पद्धतियों संबंधी सार-संग्रह की उपयोगिता और विश्वसनीय संदर्भ सामग्री के रूप में उनकी व्यापक लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए, हालिया केस अध्ययनों को प्रलेखित करना और उन्हें "सामाजिक क्षेत्रक सेवा प्रदायगी 2015 में उत्तम पद्धतियों संबंधी संसाधन पुस्तक" के रूप में प्रसारित करना आवश्यक है। यह सार-संग्रह न केवल उत्तम पद्धतियों के उद्भव और प्रचालन, उनकी प्रतिकृति और संधारणीयता के लिए शर्तों को प्रलेखित करता है बल्कि भविष्य के लिए सबक भी संश्लेषित करता है। शामिल विषयों में अन्य के साथ-साथ निम्नलिखित भी शामिल हैं- आजीविका और कौशल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, महिला और बाल विकास, पर्यावरण, पेयजल और स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा और ऊर्जा।

 

यह संसाधन पुस्तक, जिसमें 22 राज्यों और 2 संघ राज्य-क्षेत्रों के 37 केस अध्ययन शामिल हैं, पूर्व योजना आयोग (अब नीति आयोग) और यूएनडीपी का एक संयुक्त प्रयास है और इसे राज्य सरकारों और संघ राज्य-क्षेत्र प्रशासनों के परामर्श से तैयार किया गया है। हालांकि, अधिक से अधिक संख्या में उत्तम पद्धतियों को समेटने का प्रयास किया गया है, फिर भी इस बात की काफी संभावना है कि कुछ उत्तम पद्धतियों को समय की कमी के कारण शामिल न किया जा सके।

 

सामाजिक क्षेत्रक सेवा प्रदायगी में उत्तम पद्धतियों संबंधी संसाधन पुस्तक

* इस वेबसाइट में उपयोग किए गए चित्र ‘‘सामाजिक क्षेत्रक सेवा प्रदायगी 2015 में उत्तम पद्धतियों संबंधी संसाधन पुस्तक’’ से लिए गए हैं।