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राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी कार्यनीति

अर्थव्‍यवस्‍थाओं को बदलने के लिए एआई की क्षमता और भारत के लिए इसके दृष्टिकोण को कार्यनीतिक बनाने की आवश्‍यकता को देखते हुए, माननीय वित्‍त मंत्री ने 2018-2019 के अपने बजट भाषण में नीति आयोग को राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यक्रम स्‍थापित करने का अधिदेश दिया ताकि नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान और विकास का मार्गदर्शन किया जा सके।

 

उपरोक्त के अनुसरण में, नीति आयोग ने त्रि-स्तरीय दृष्टिकोण को अंगीकृत किया है जिसके अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी परियोजनाओं की अन्वेषी अवधारणात्मक प्रमाण परियोजनाएं शुरु की गई हैं, भारत में एक जीवंत कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारितंत्र के निर्माण के लिए एक राष्ट्रीय कार्यनीति अंगीकृत की गई है और विभिन्न विशेषज्ञों तथा हितधारकों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। इस साल की शुरुआत के बाद से, नीति आयोग ने कृषि और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी परियोजनाओं को लागू करने के लिए यांत्रिक बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी के कई प्रमुख पक्षों के साथ भागीदारी की है।

 

नीति आयोग ने कई दौर की चर्चा के बाद 4 जून 2018 को अपनी वेबसाइट पर राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यनीति पर एक चर्चा-पत्र जारी किया।

 

कार्यनीति को #AIForAll कहा जाता है क्योंकि यह सबका साथ सबका विकास की सरकार की नीति के अनुरूप समावेशी विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसमें सरकार की भूमिका स्पष्ट रुप से अनुसंधान पारितंत्र को विकसित करने, अंगीकृत संवर्द्धन और कौशल संबंधी चुनौतियों का समाधान करने की रखी गई है। यह कार्यनीति कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित नैतिकता, पूर्वाग्रह और निजता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी चिह्नित करती है और सरकार इन चिंताओं को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकी में अनुसंधान को बढ़ावा देगी। इसमें कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है जहां सार्वजनिक निवेश और नेतृत्व आवश्यक होगा।

 

राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यनीति पर चर्चा-पत्रडाउनलोड करें