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समावेश के तहत सलाहकार समूह

इस साझेदारी पहल में नीति आयोग  की भूमिका राष्ट्रीय विकास एजेंडा के अनुरूप नीति अनुसंधान के दृष्टिकोण से चयनित विषयगत क्षेत्र की एक सामान्य समझ को विकसित करने में योगदान करने के लिए होगी। नीति आयोग  क्षेत्रकों, राज्यों और साझेदार संस्थाओं के साथ संपर्क बनाने और इंटरफेस के संयोजन को संभव बनाएगा। जैसा कि उपरोक्त खंड में उल्लेख किया गया है, नीति आयोग  राष्ट्रीय संचालन समूह द्वारा यथा-अनुमोदित, विशिष्ट निष्पादन मानदंडों के साथ, 3 वर्ष की अनुमोदित वार्षिक कार्य योजनाओं के आधार पर, उत्प्रेरक सहायता प्रदान करने के लिए चयनित सहयोगी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों को भी निष्पादित करेगा।

 

  1.  नीति सलाहकार समूह (पीएजी): इस नेटवर्किंग और साझेदारी पहल को नीति सलाहकार समूह से नीतिगत सलाह मिलेगी। इस सलाहकार समूह के अध्यक्ष नीति आयोग के उपाध्यक्ष हैं। इसके सदस्य नीति आयोग के सदस्य, सीईओ, प्रधान सलाहकार और विशेष आमंत्रित सदस्य हैं जिन्हें अध्यक्ष द्वारा तय किया जाता है।
     

  2.  राष्ट्रीय संचालन समूह (एनएसजी): इस नेटवर्किंग और साझेदारी पहल का मार्गदर्शन करने के लिए इस समूह की सह-अध्यक्षता नीति आयोग के सीईओ और प्रधान सलाहकार द्वारा की जाएगी। एनएसजी की संरचना में चयनित संस्थाओं के प्रमुख / निदेशक, संबंधित मंत्रालयों (एमएचआरडी सहित) / विभागों के सचिव, बारी-बारी से चुनिंदा राज्य सरकारों के मुख्य सचिव और सह-अध्यक्षों के निर्णय के अनुसार विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल होंगे। एनएसजी के कार्य निम्नानुसार होंगे। 
     

    • उभरती हुई प्राथमिकताओं पर मार्गदर्शन प्रदान करना, प्रगति और परिणामों की समीक्षा करना और विभिन्न क्षेत्रकों, राज्यों और संस्थाओं के साथ इस पहल के संपर्कों को संभव बनाना। प्रारंभिक चरण में, सह-अध्यक्षों की अपेक्षानुसार और उनके द्वारा तय किए गए अनुसार एक तिमाही में एक या अधिक बार बैठकें आयोजित की जा सकती हैं। बैठकों को बारी-बारी से किसी भी प्रमुख संस्थान द्वारा भी आयोजित किया जा सकता है, ताकि विभिन्न संस्थाओं में क्षेत्र आधारित जानकारियों की प्राप्ति की जा सके।

    • समझौता ज्ञापनों (एमओयू) की जांच और सिफारिश करना, जिसमें 3 साल के लिए समग्र कार्य-योजना शामिल होगी और इन्हें नीति आयोग द्वारा चिहि्नत संस्थानों के साथ निष्पादित किया जाएगा। निगरानी योग्य मानदंडों के साथ विस्तृत वार्षिक कार्य योजनाएं (कार्य-योजनाएं) भी विकसित की जाएंगी।

    • विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में इस साझेदारी के समग्र कार्यान्वयन की देखरेख करना।
       

  3.  विषयगत सलाहकार समूह (टीएजी): किसी चिहि्नत विषय / क्लस्टर समूह के तहत विशिष्ट कार्यकलापों को आगे बढ़ाने के लिए एक अलग विषयगत सलाहकार समूह (टीएजी) होगा। संबंधित विषय सलाहकार नीति आयोग में समन्वय करने, विशिष्ट विषयों / संस्थाओं की वार्षिक कार्य-योजनाओं (कार्य-योजनाओं) का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, प्रगति की निगरानी करने और एनएसजी को इनपुट प्रदान करने हेतु केन्द्र बिंदु होंगे।
     

  4. सचिवालय: शासन और अनुसंधान वर्टिकल समावेश का सचिवालय होगा और इस वर्टिकल का सलाहकार समावेश का समग्र समन्वयक होगा।